Thursday, May 5, 2011

धमाकों के आरोपी मदनी को जमानत देने पर उभरे मतभेद


बेंगलूर विस्फोट के आरोपी अब्दुल नासिर मदनी की जमानत पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ में मतभेद उभर आए। पीठ ने मामले को मुख्य न्यायाधीश एचएस कपाडि़या के पास भेज दिया है। न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू और ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह प्रकरण दूसरी पीठ गठित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि काटजू मदनी की जमानत मंजूर करने के पक्ष में थे। लेकिन ज्ञान सुधा मिश्रा राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा जैसे गंभीर आरोपों के मद्देनजर जमानत मंजूर करने के सख्त खिलाफ थीं। सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ में बुधवार को मदनी की जमानत याचिका पर करीब डेढ़ घंटे तक बहस चली। पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति काटजू की राय थी कि मदनी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए। उसकी जमानत मंजूर करने में कुछ भी गलत नहीं है। न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा का मानना था कि टेलीफोन काल्स के विवरण विस्फोटों में उसकी संलिप्तता की ओर पर्याप्त इशारा कर रहे हैं। मदनी की ओर से पेश शांति भूषण की दलील थी कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक कारणों से कर्नाटक सरकार ने गलत तरीके से फंसाया है, वह मुस्लिम समुदाय का बड़ा सियासी और सामाजिक नेता है|

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