कश्मीर के लिए केंद्र द्वारा नियुक्त वार्ताकारों ने घाटी में हाल में हुई गिरफ्तारियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। राज्य की छठवीं यात्रा के अंत में संवाददाताओं से बातचीत में राधा कुमार ने कहा कि हमारी सिफारिशों के बाद युवाओं की रिहाई से स्थिति सामान्य होने में मदद मिल रही थी, लेकिन दुर्भाग्य से गिरफ्तारियों का नया चक्र शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार केंद्रीय टीम की सिफारिशों को लागू कर रही है। साथ ही वार्ताकार नियमित आधार पर इसकी निगरानी भी कर रहे हैं। राधा कुमार ने कहा कि सुरक्षा बंकरों को हटाए जाने और अन्य सिफारिशों पर भी अमल हुआ है। उन्होंने लोक सुरक्षा कानून के अधिक इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राज्य विधानसभा को एक कानून का बनाने के लिए कहा। राज्य में पासपोर्ट के लंबित 45,000 में 20,000 मामले निपटा दिए गए हैं। कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बीच यात्रा और व्यापार संबंधी अड़चनों को भी दूर किया गया है। नियंत्रण रेखा पर पीओके के निवासियों को परमिट जारी करने के लिए काउंटर स्थापित करने के केंद्र के फैसले को वार्ताकारों ने सराहा। राधा कुमार ने कहा कि यह एकतरफा कदम है और पाकिस्तानी हुक्मरानों को भी ऐसी ढील देनी चाहिए|
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